Woh 3 Nobelian Samman Prakriti Neend Chakkar Aur Mental Tandarusti Ko Badalte Gayi

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Ek aajeeeb fact hai ki Nobelian Puraskar gyani researchers ke se jaari gaya hai, jo apne dvara aashcharya neend cycle aur manasik health par kaafi asar daalta hai. Ya vignani ne research ka jankari kya diya , jo process ko parivartan mein madad karta . Is list samjhane mein ek mudda hai, kyuki har chota aavishkar jahaan purna dunia ko badal sakta hai. Isliye , ye matter kabhi sochne ke layak hai.

3 नोबेल पुरस्कार खोजें नींद चक्र और मानसिक स्थिति को बदल दिया

नींद एवं मानसिक स्थिति के बीच एक गहरा तालमेल होता है, एवं यह तीन नोबेल पुरस्कार वैज्ञानिकों के काम से उजागर होता है। सबसे प्रथम बात यह है कि muzammal shahzad medcal store in gujrat 1972 में, Roger Guillemot एवं Dale Boeckman ने अध्ययन किया कि कैसे हार्मोन शरीर की निद्रा चक्र को नियंत्रित करते हैं, जिसने बाद में मन रोगों के निदान में नए तरीके विकसित में मदद किया। फिर, लगभग दो पीढ़ी बाद, Stanley Cohen और Rita Levi-Montalcini ने नर्व विकास संबंधी की स्थापना की, जिससे पता चला कि ये पदार्थों विश्राम की गुणवत्ता और मानसिक स्थिरता को परिवर्तित सकते हैं। अंत में, आधुनिक में, Jeffrey Hall, Michael Rosbash, एवं Michael Young ने शोध किया कि कैसे 'Per' जीन विश्राम चक्र को वश में करता है, जो उज्ज्वल प्रकाश के संपर्क नींद की रीतियों को प्रभावित देता है, तथा इससे मानसिक स्थिति पर तीव्र प्रभाव डालता है।

تین کے نوبل انعام دریافت : سونا اور دماغی صحت میں تبدیلی

گزشتہ دنوں میں، تین اہم Nobel Prize کشف نے سونا اور دماغی افروزی کے درمیان ایک گہرا ربط روشن کیا ہے۔ پہلا کشف ، جس میں جانس کی تحقیق شامل ہے، نے جینیاتی سطح پر نیند کے تنظیمی طریقہ کار کو سمجھا ہے۔ دوسرا ، ڈیوڈ بلب کی کشف نے سیلولر زنجیر پر خواب کے عمل کو سمجھا ہے، جبکہ تیسری تلاش نے جسم میں مختلف خواب سے مربوط کیمیائی نشانات کا انکشاف کیا ہے۔ یہ سب ایک ساتھ ذہنی تندرستی کو بہتر بنانے اور معیاری خواب کو استحکام بخشنے کے کے لیے بنیادی علم فراہم کرتے ہیں۔

تین नोबेल पुरस्कार کشف سونا کی گھومنا اور زہنی قوت راۓ تبدیل ہیں

سائنس کی دنیا میں بے شمار عظیم دریافت ریکارڈ ہوئیں ہیں جن کا اثر مخلوق کی کی وجود پر گہرا ہے. ان میں سے چند ایسی قابل ذکر نوبل ایوارڈ دریافت جو سونا کے چکر اور زہنی صلاحیت کو متاثر ہے، ان میں یہ شامل ہیں : سب سے پہلے , سروکار کے طریقہ علاج کے ذریعے دریافت کیے گئے سسٹم کی نیند کی چھوٹی سائیکل راۓ متاثر رکھا اور ذہنی کی عمل راۓ دروس رکھا. دوسرا لیزرز {کی کشف کی زہنی صلاحیت معزز ترقی میں اور تیسری بات عصبی سائنس میں کشف نے دماغی کارروائی اور سونا کے عمل راۓ اجالا ڈالنے دی ہماری بقا پر اضافی اثر ڈالا .

3 Nobel Prize खोजیں : Neend Aur Mental Health Par Unka اثر

तीन नोबेल पुरस्कार विजेता खोजें, जो मानसिक स्वास्थ्य और नींद के प्रति हमारे दृष्टिकोण को मौलिक रूप से बदल देती हैं, अब हमारे सामने हैं। शुरू में 2012 में, شینیا یمناکا को वयस्कों की कोशिकाओं को प्लुरिपोटेंट स्टेम कोशिकाओं में फिर से प्रोग्राम करने की उनकी खोज के लिए सम्मानित किया गया था, जिससे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली के बारे में हमारी समझ में एक महत्वपूर्ण درک मिला, जो नींद के विनियमन से भी जुड़ा है। بعد ازاں, 2019 में, William Kaelin और Michael Hallewell ने hypoxia-inducible factors (HIFs) की खोज के लिए पुरस्कार साझा किया, जो कोशिकाओं को ऑक्सीजन की कमी के अनुकूल बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं – और नींद चक्र में भी इसकी भूमिका उभर रही है। आखिर में, 2020 में, آئندہ گیٹس और उनके सहयोगियों को ब्लैक होल की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला, जिसने ब्रह्मांड को समझने और, अप्रत्यक्ष रूप से, जैविक समय और नींद के तालमेल के बारे में हमारी धारणाओं को प्रभावित किया। ये باہر کی खोजें, यद्यपि अलग-अलग क्षेत्रों में फैली हुई हैं, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर उनके जटिल प्रभाव को उजागर करती हैं, जो आगे के शोध के लिए एक आकर्षक pathway प्रदान करती हैं।

3 Nobel सम्मान खोजें निद्रा परिक्रमा Aur मानस सुरक्षा Ko परिवर्तन Gayi – Ek नजर

नींद, मानसिक स्वास्थ्य और हमारी कुल अस्तित्व पर गहरी असर डालने वाले कुछ असाधारण अन्वेषणों पर एक देखना डालें। त्रय Nobel पुरस्कार, विशेष रूप से, नींद के परिक्रमा और मानसिक सुरक्षा को समझने के हमारे नियम को पूरी तरह से परिवर्तन दिया है। सबसे पहले, 1963 का Nobel बदहट Frisch और Zeller को दिया गया, जिन्होंने circadian संरेखण की खोज की – यह एक आंतरिक घड़ी गयी जो नींद-जागने के चक्र को नियंत्रित करती होता है, और जो मानसिक स्वास्थ्य को भी बढ़ा करती है। फिर 1979 में, एक और Nobel बदहट शोधकर्ताओं Skene, Baxter और Illingworth को दिया गया, जिन्होंने melatonin के भूमिका की खोज की, एक पदार्थ जो नींद को नियंत्रित करता गयी। अंत में, 2014 का सम्मान खोजकर्ताओं Mayaichi और Sassoon को दिया गया, जिन्होंने ओरेक्सिन की खोज की - एक रसायन जो जागने को विनियमित करता गयी और जो अल्जाइमर जैसे मानस समस्याओं में लिप्त हो सकता होता है। ये अन्वेषणें मानसिक कल्याण में सुधार और बेहतर नींद को बढ़ावा देने के नये तरीकों के द्वार प्रकट हैं।

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